Kundli Kaka

सभी पूजा

Englishहिंदी
Satyanarayan Puja

सत्यनारायण पूजा

भगवान विष्णु का धन्यवाद करने की सरल पारिवारिक पूजा और कथा

20सामग्री
12कदम
कथा सहित लगभग 2 घंटेसमय
यह पूजा WhatsApp पर शेयर करें
कब

बहुत से परिवार इसे पूर्णिमा के दिन करते हैं, या किसी खुशी के मौक़े पर धन्यवाद देने के लिए, जैसे नई नौकरी, शादी, नया घर या जन्मदिन। यह पूजा आमतौर पर सुबह या शाम को की जाती है।

समय

कथा सहित लगभग 2 घंटे

सत्यनारायण पूजा एक सरल पारिवारिक पूजा है, जिसमें हम भगवान विष्णु को सत्य के रूप में याद करते हैं, प्रसाद चढ़ाते हैं और सब मिलकर कथा सुनते हैं। आपको इसका जानकार होना ज़रूरी नहीं, श्रद्धा नियमों की हर बारीकी से ज़्यादा मायने रखती है। हर परिवार और हर क्षेत्र में पूजा थोड़ी अलग तरह से होती है, इसलिए जहाँ यह गाइड आपके परिवार या पंडितजी की विधि से अलग हो, वहाँ उन्हीं की विधि मानें।

ज़रूरी सामग्री

सामान जमा करते हुए हर चीज़ पर टिक लगाइए। टिक इसी फ़ोन में रहते हैं।

यह सूची WhatsApp पर भेजें

एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    पूजा की जगह सजाएँ

    चौकी को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें और उस पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएँ। बीच में सत्यनारायण भगवान की तस्वीर या मूर्ति रखें और सामग्री की थाली पास में रखें।

  2. 2

    स्नान करके साथ बैठें

    सब लोग स्नान करके साफ़ कपड़े पहनें। चटाई या आसन पर भगवान की ओर मुँह करके बैठें और परिवार आसपास बैठे।

  3. 3

    संकल्प

    दाएँ हाथ में थोड़ा जल और चावल लें। अपने शब्दों में कहें कि आप परिवार के लिए आभार के साथ यह पूजा कर रहे हैं, फिर जल को थाली में छोड़ दें।

  4. 4

    पहले गणेश जी की पूजा

    चौकी पर छोटी गणेश मूर्ति या मौली लपेटी हुई सुपारी रखें। तिलक, फूल और चावल चढ़ाएँ और ॐ गं गणपतये नमः कुछ बार बोलें।

  5. 5

    कलश स्थापना

    कलश में जल भरें, थोड़े चावल और एक सिक्का डालें, मुँह पर आम के पत्ते रखकर ऊपर नारियल रखें। गले में मौली बाँधें, तिलक लगाएँ और उसे भगवान के दाईं ओर रखें।

  6. 6

    भगवान का स्वागत

    हाथ जोड़कर सरल प्रार्थना से भगवान को आमंत्रित करें। तस्वीर या मूर्ति पर पंचामृत की कुछ बूँदें छिड़कें, साफ़ कपड़े से धीरे से पोंछें और वापस रख दें।

  7. 7

    तिलक, फूल और तुलसी

    रोली और हल्दी का तिलक लगाएँ, थोड़ी मौली चढ़ाएँ, और माला, फूल व तुलसी के पत्ते अर्पित करें। हर चीज़ चढ़ाते समय ॐ नमो नारायणाय बोलें।

  8. 8

    धूप और दीप

    अगरबत्ती और घी के दीये जलाकर भगवान के सामने धीरे से घुमाएँ। दीयों को चौकी पर ऐसी सुरक्षित जगह रखें जहाँ वे गिरें नहीं।

  9. 9

    भोग लगाएँ

    सामने शीरा, फल, पान और सुपारी रखें। शीरे पर एक तुलसी पत्ता रखें, हाथ जोड़ें और प्रेम से भोग अर्पित करें।

  10. 10

    कथा सुनें

    एक व्यक्ति सत्यनारायण कथा अध्याय दर अध्याय ज़ोर से पढ़े, बाकी लोग हाथ में थोड़े चावल लेकर जुड़े हाथों से सुनें। अध्याय लंबे लगें तो अपने परिवार की पुस्तक का संक्षिप्त रूप पढ़ना भी ठीक है।

  11. 11

    आरती

    कपूर जलाएँ और सब मिलकर आरती गाएँ, जैसे ॐ जय जगदीश हरे। लौ सबके सामने घुमाएँ ताकि हर कोई दोनों हाथों से आरती ले सके।

  12. 12

    प्रसाद और समापन

    भगवान को प्रणाम करें, जाने-अनजाने हुई छोटी भूलों के लिए क्षमा माँगें और पंचामृत को चरणामृत की तरह बाँटें। प्रसाद सबको, पड़ोसियों को भी, बाँटें और फिर साथ बैठकर भोजन करें।

एक सरल मंत्र

ॐ नमो नारायणाय

Om Namo Narayanaya

मैं भगवान नारायण (विष्णु) को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।