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Griha Pravesh

गृह प्रवेश

नए घर में पहली बार प्रवेश पर की जाने वाली सरल पूजा

20सामग्री
12कदम
डेढ़ से 2 घंटेसमय
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कब

यह तब की जाती है जब परिवार पहली बार नए बने या नए ख़रीदे घर में रहने जाता है, सामान जमाने से पहले। दिन और समय (मुहूर्त) आमतौर पर पंडितजी की सलाह से तय किए जाते हैं।

समय

लगभग डेढ़ से 2 घंटे

गृह प्रवेश नए घर को प्रार्थना, रोशनी और अपनों के साथ से शुभ शुरुआत देने की खुशी भरी पूजा है। इसे खुले मन से करें, सादी और सच्ची पूजा भी उतनी ही अच्छी होती है जितनी भव्य पूजा। हर परिवार और क्षेत्र में यह थोड़ा अलग ढंग से होती है, इसलिए जहाँ यह गाइड आपके परिवार या पंडितजी की विधि से अलग हो, वहाँ उन्हीं की विधि मानें। तारीख़ और समय (मुहूर्त) पंडितजी से पक्का कर लेना सबसे अच्छा रहता है।

ज़रूरी सामग्री

सामान जमा करते हुए हर चीज़ पर टिक लगाइए। टिक इसी फ़ोन में रहते हैं।

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एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    दरवाज़े पर इकट्ठा हों

    तय समय पर पूरा परिवार कलश, पूजा की थाली और देवताओं की तस्वीरों के साथ मुख्य दरवाज़े के बाहर इकट्ठा हो। माहौल शांत और खुशनुमा रखें।

  2. 2

    प्रवेश द्वार सजाएँ

    छोटी रंगोली बनाएँ और दरवाज़े के दोनों ओर रोली या हल्दी से स्वस्तिक बनाएँ। चौखट पर आम के पत्तों और गेंदे के फूलों का तोरण लगाएँ।

  3. 3

    कलश तैयार करें

    कलश में जल, थोड़े चावल और एक सिक्का डालें, ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखें और मौली बाँधें। आमतौर पर घर की महिला इसे लेकर भीतर जाती हैं।

  4. 4

    दाहिना पैर रखकर प्रवेश

    यदि आपके परिवार में परंपरा हो तभी नारियल फोड़ें, और कलश लेकर पहले दाहिना पैर भीतर रखें। बाकी लोग पीछे आएँ, घर के बड़े या मुखिया साथ में रहें।

  5. 5

    पूजा के कोने में दीप जलाएँ

    कपड़ा बिछाएँ, गणेश जी और लक्ष्मी जी या कुलदेवता की तस्वीरें रखें, और घी का दीया व अगरबत्ती जलाएँ। कलश को पास में रखें।

  6. 6

    संकल्प

    दाएँ हाथ में जल और चावल लेकर अपने शब्दों में कहें कि आप आभार के साथ इस घर में आए हैं और अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं। फिर जल थाली में छोड़ दें।

  7. 7

    गणेश पूजन

    गणेश जी को तिलक, फूल और चावल चढ़ाएँ और ॐ गं गणपतये नमः कई बार बोलें। मिठाई चढ़ाकर हाथ जोड़ें।

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    लक्ष्मी जी और कुलदेवता की पूजा

    लक्ष्मी जी और कुलदेवता को तिलक, फूल, चावल, फल और मिठाई अर्पित करें। घर में शांति और खुशी के लिए सरल प्रार्थना करें।

  9. 9

    छोटा हवन (वैकल्पिक)

    चाहें तो हवन कुंड में लकड़ी और घी से छोटी अग्नि जलाएँ। हर बार ॐ गं गणपतये नमः बोलकर थोड़ी हवन सामग्री डालें, और कमरे में हवा आने दें।

  10. 10

    हर कमरे में गंगाजल

    थोड़ा गंगाजल और दीया या अगरबत्ती लेकर हर कमरे में जाएँ। कुछ बूँदें धीरे से छिड़कें और खिड़कियाँ खुली रखें।

  11. 11

    रसोई में दूध उबालें

    चूल्हा जलाएँ, नए बर्तन में दूध डालें और उसे उबलकर बाहर आने दें, जो भरपूरी का प्रतीक माना जाता है। इसी से सबके लिए खीर बनाएँ।

  12. 12

    आरती और प्रसाद

    कपूर जलाएँ और सब मिलकर आरती गाएँ। खीर, फल और मिठाई बाँटें और परिवार व मेहमानों के साथ बैठकर भोजन करें।

एक सरल मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

Om Gam Ganapataye Namah

मैं विघ्नों को दूर करने वाले भगवान गणेश को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।