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Ganesh Puja

गणेश पूजा

गणेश जी के साथ कुछ नया शुरू करने की आनंद भरी पूजा

20सामग्री
11कदम
30 मिनटसमय
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कब

यह घर पर गणेश चतुर्थी के दिन की जाती है, और किसी नई शुरुआत से पहले भी, जैसे नया घर, व्यवसाय, नौकरी या स्कूल का नया साल।

समय

लगभग 30 मिनट

गणेश पूजा एक आनंद भरी, सरल पूजा है, जिसमें हम किसी नई शुरुआत के समय गणेश जी को याद करते हैं। इसके लिए पंडित जी ज़रूरी नहीं; साफ़ वेदी और प्रसन्न मन काफ़ी हैं। हर परिवार और हर क्षेत्र में तरीक़ा थोड़ा अलग होता है, इसलिए जहाँ आपके परिवार या पंडित जी का तरीक़ा इस गाइड से अलग हो, वहाँ उन्हीं का तरीक़ा अपनाएँ।

ज़रूरी सामग्री

सामान जमा करते हुए हर चीज़ पर टिक लगाइए। टिक इसी फ़ोन में रहते हैं।

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एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    सफ़ाई और तैयारी

    शुरू करने से पहले वेदी की जगह साफ़ करें और स्नान कर लें। ताज़े, साफ़ कपड़े पहनें। सारी सामग्री अपने पास रखें, ताकि बीच में उठना न पड़े।

  2. 2

    वेदी सजाएँ

    चौकी रखकर उस पर कपड़ा बिछाएँ। उस पर थोड़े चावल रखें और गणेश जी को विराजमान करें, मुख परिवार की ओर या हो सके तो पूर्व की ओर रखें। थाली, फूल और भोग पास में रखें।

  3. 3

    कलश स्थापित करें

    कलश में पानी भरें और उसमें एक सिक्का, एक सुपारी और चुटकी भर चावल डालें। मुँह पर आम के पत्ते लगाएँ, ऊपर नारियल रखें और कलावा बाँधें। इसे मूर्ति के पास रखें।

  4. 4

    दीया जलाएँ और संकल्प लें

    घी का दीया और अगरबत्ती जलाएँ। अपने ऊपर और सामग्री पर गंगाजल की कुछ बूँदें छिड़कें। फिर अपने शब्दों में बताएँ कि आप यह पूजा क्यों कर रहे हैं, जैसे गणेश चतुर्थी के लिए या परिवार में किसी नई शुरुआत के लिए।

  5. 5

    गणेश जी का स्वागत

    हाथ जोड़कर गणेश जी को पूजा के लिए आसन ग्रहण करने का निमंत्रण दें। एक फूल और थोड़ा जल अर्पित करें और कहें "गणपति बप्पा, पधारिए"। बच्चों को यह हिस्सा अक्सर बहुत पसंद आता है।

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    तिलक और जल अर्पित करें

    मूर्ति के माथे पर चंदन या रोली का तिलक लगाएँ और चावल के कुछ दाने चढ़ाएँ। चरणों के लिए एक चम्मच जल अर्पित करें। फिर वहाँ मौजूद सबको तिलक लगाएँ।

  7. 7

    दूर्वा और फूल चढ़ाएँ

    गणेश जी के चरणों में 21 दूर्वा के तिनके, थोड़े-थोड़े करके, रखें। फिर गुड़हल या गेंदे के फूल और माला अर्पित करें। पान के पत्ते और सुपारी सिक्के के साथ चढ़ाएँ।

  8. 8

    धूप और भोग

    अगरबत्ती को मूर्ति के सामने धीरे से घुमाएँ और जलता दीया अर्पित करें। मोदक या लड्डू और फल थाली में सजाकर उनके सामने रखें। एक मिनट हाथ जोड़कर अर्पित करें और अंत तक ढककर रखें।

  9. 9

    मंत्र जाप

    शांति से बैठकर "ॐ गं गणपतये नमः" 21 या 108 बार बोलें। गिनती माला से या चावल के दानों से कर सकते हैं। घर के सभी लोग साथ बोल सकते हैं, और धीमे स्वर में बोलना भी ठीक है।

  10. 10

    आरती करें

    थाली में कपूर जलाएँ और सब मिलकर गणेश जी की आरती, "जय गणेश देवा", गाएँ। थाली को मूर्ति के सामने धीरे-धीरे घड़ी की दिशा में घुमाएँ। फिर सब लौ के ऊपर से हाथ घुमाकर आँखों से लगाएँ।

  11. 11

    समापन और प्रसाद

    प्रणाम करें, गणेश जी को धन्यवाद दें और पूजा में हुई किसी भूल के लिए क्षमा माँगें। मोदक और फल प्रसाद के रूप में बाँटें और कलाई पर कलावा बाँधें। दीये को सुरक्षित रूप से जल जाने दें, और मूर्ति को साफ़ जगह पर रखें।

एक सरल मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

Om Gam Ganapataye Namah

ॐ, मैं विघ्नों को दूर करने वाले भगवान गणपति को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।