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Saraswati Puja

सरस्वती पूजा

पढ़ाई की शुरुआत शांत और कृतज्ञ मन से करने की सरल पूजा

19सामग्री
12कदम
40 मिनटसमय
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कब

आमतौर पर जनवरी या फरवरी में बसंत पंचमी पर की जाती है। कई परिवार और विद्यार्थी परीक्षा से पहले, या नया सत्र या नया कोर्स शुरू होने पर भी यह पूजा करते हैं।

समय

लगभग 40 मिनट

सरस्वती माँ को ज्ञान, संगीत और कलाओं की देवी माना जाता है। यह पूजा विद्या के लिए धन्यवाद कहने और शांत, एकाग्र मन से पढ़ाई शुरू करने का एक सुंदर तरीका है। हर परिवार और हर क्षेत्र में पूजा थोड़ी अलग तरह से होती है, इसलिए जहाँ आपके परिवार या पंडित जी की विधि अलग हो, वहाँ उसी का पालन करें।

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एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    स्नान और वस्त्र

    स्नान करके साफ़ कपड़े पहनें। बसंत पंचमी पर पीला रंग पसंद किया जाता है, पर कोई भी साफ़ और सादे कपड़े चलते हैं।

  2. 2

    चौकी सजाएँ

    चौकी पर पीला या सफ़ेद कपड़ा बिछाएँ और सरस्वती माँ को स्थापित करें, हो सके तो मुख पूर्व दिशा में रहे। गणेश जी को एक ओर और किताबें मूर्ति के पास रखें।

  3. 3

    शांत बैठें और संकल्प लें

    आसन पर मूर्ति की ओर मुख करके बैठें और कुछ गहरी साँसें लें। हथेली में थोड़ा जल लेकर अपने शब्दों में कहें कि आप विद्या के प्रति आभार के साथ यह पूजा कर रहे हैं।

  4. 4

    कलश स्थापना

    कलश में साफ़ जल भरें, उसके मुँह पर आम के पत्ते लगाएँ और ऊपर नारियल रखें। इसे चौकी के दाहिनी ओर रखें।

  5. 5

    दीया और अगरबत्ती जलाएँ

    घी का दीया और अगरबत्ती जलाएँ। अगरबत्ती को मूर्तियों की ओर हल्के से घुमाकर दिखाएँ।

  6. 6

    पहले गणेश जी की पूजा

    गणेश जी को हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएँ, फूल और अक्षत चढ़ाएँ और प्रणाम करके प्रार्थना करें कि पूजा अच्छे से पूरी हो।

  7. 7

    माँ को तिलक लगाएँ

    सरस्वती माँ को चंदन और हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएँ और कलश से थोड़ा जल छिड़कें। फिर अपने माथे पर भी छोटा सा तिलक लगा लें।

  8. 8

    फूल और अक्षत अर्पित करें

    माँ के चरणों में पीले या सफ़ेद फूल और चुटकी भर अक्षत अर्पित करें। किताबें, कलम और वाद्य यंत्र उनके पास रखें और फूल से हल्के से स्पर्श कराएँ।

  9. 9

    मंत्र जाप

    सरस्वती मंत्र 11 या 21 बार धीरे-धीरे और ध्यान लगाकर बोलें। अगर मंत्र न बोल पाएँ तो एक मिनट शांत बैठकर अपनी विद्या के लिए धन्यवाद करें।

  10. 10

    भोग लगाएँ

    फल और मिठाई साफ़ थाली में माँ के सामने रखें। हाथ जोड़कर सरल प्रार्थना के साथ भोग अर्पित करें और थाली के चारों ओर थोड़ा जल छिड़कें।

  11. 11

    आरती करें

    आरती की थाली में कपूर जलाएँ और सरस्वती आरती गाते हुए मूर्ति के सामने घड़ी की दिशा में घुमाएँ। घर के सभी लोग साथ जुड़ सकते हैं।

  12. 12

    समापन और प्रसाद

    प्रणाम करके पढ़ाई में साफ़ मन और लगातार मेहनत की प्रार्थना करें। प्रसाद सबको बाँटें और हो सके तो पूजा के तुरंत बाद थोड़ी देर पढ़ाई शुरू करें।

एक सरल मंत्र

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

Om Aim Saraswatyai Namah

मैं ज्ञान और विद्या देने वाली देवी सरस्वती को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।