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Ram Darbar Puja

राम दरबार पूजा

राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की शांत घरेलू पूजा

20सामग्री
12कदम
45 मिनटसमय
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कब

यह रामनवमी पर की जाती है, और कई परिवार इसे मंगलवार या शनिवार को भी करते हैं, आमतौर पर सुबह या शाम को।

समय

लगभग 45 मिनट

राम दरबार पूजा एक शांत पारिवारिक पूजा है, जिसमें हम भगवान राम को सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के साथ याद करते हैं, और प्रेम, कर्तव्य व विनम्रता के उन मूल्यों को भी जिनके वे प्रतीक हैं। इसके लिए पंडित जी ज़रूरी नहीं; शांत मन और सरल भेंट काफ़ी हैं। हर परिवार और हर क्षेत्र में तरीक़ा थोड़ा अलग होता है, इसलिए जहाँ आपके परिवार या पंडित जी का तरीक़ा इस गाइड से अलग हो, वहाँ उन्हीं का तरीक़ा अपनाएँ।

ज़रूरी सामग्री

सामान जमा करते हुए हर चीज़ पर टिक लगाइए। टिक इसी फ़ोन में रहते हैं।

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एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    सफ़ाई और तैयारी

    पूजा शुरू करने से पहले पूजा का कोना साफ़ करें और स्नान कर लें। साफ़, ताज़े कपड़े पहनें। मूर्तियों और भोग की चीज़ों को छूने से पहले हाथ धो लें।

  2. 2

    वेदी सजाएँ

    पूजा के कोने में चौकी रखें और कपड़ा बिछाएँ। राम और सीता जी को बीच में, लक्ष्मण जी को उनके पास, और हनुमान जी को विनम्र भाव से उनके चरणों में बिठाएँ, तस्वीर या मूर्तियों के नीचे थोड़े चावल रखें। थाली और सारी सामग्री पास में रखें।

  3. 3

    कलश स्थापित करें

    कलश में पानी भरें और उसमें एक सिक्का, एक सुपारी और चुटकी भर चावल डालें। ऊपर नारियल रखें और कलश के चारों ओर कलावा बाँधें। इसे वेदी के पास रखें।

  4. 4

    दीया जलाएँ और बैठें

    घी का मुख्य दीया और अगरबत्ती जलाएँ। आसन पर बैठकर कुछ शांत साँसें लें और अपने ऊपर तथा सामग्री पर गंगाजल की कुछ बूँदें छिड़कें। अपने शब्दों में कहें कि आप शांत मन से यह पूजा कर रहे हैं।

  5. 5

    पहले गणेश जी को याद करें

    कई परिवार हर पूजा की शुरुआत गणेश जी को प्रणाम करके करते हैं। हाथ जोड़ें और तीन बार "ॐ गं गणपतये नमः" बोलें, ताकि पूजा शांति से पूरी हो।

  6. 6

    दरबार का स्वागत

    हाथ जोड़कर अपने शब्दों में राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी को घर आने का निमंत्रण दें। घंटी हल्के से बजाएँ और थोड़ा जल अर्पित करें। सबको चंदन या रोली का तिलक और कुछ चावल के दाने लगाएँ।

  7. 7

    फूल और तुलसी अर्पित करें

    माला और फूल उनके चरणों में रखें और कुछ तुलसी के पत्ते चढ़ाएँ, विशेषकर राम जी के चरणों में। सिक्के, पान के पत्ते और सुपारी पास में रखें। परिवार का हर सदस्य एक-एक फूल भी चढ़ा सकता है।

  8. 8

    भोग लगाएँ

    मिठाई और फल साफ़ थाली में रखें और ऊपर एक तुलसी का पत्ता रखें। थाली के चारों ओर पानी की कुछ बूँदें छिड़कें और हाथ जोड़कर एक मिनट के लिए अर्पित करें। पूजा पूरी होने तक इसे ढककर रखें।

  9. 9

    मंत्र जाप

    शांति से बैठकर "ॐ श्री रामाय नमः" 11 या 108 बार बोलें। गिनती माला से या चावल के दानों से कर सकते हैं। पूरा परिवार साथ बोल सकता है, और बच्चे बस आपके पीछे दोहरा सकते हैं।

  10. 10

    साथ मिलकर पाठ या भजन

    हनुमान चालीसा, रामचरितमानस की कुछ चौपाइयाँ या राम चालीसा पढ़ें, या कोई ऐसा राम भजन गाएँ जो आपके परिवार को प्रिय हो। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ आम है। ध्यान से पढ़ी गई कुछ चौपाइयाँ भी काफ़ी हैं।

  11. 11

    आरती करें

    थाली में कपूर जलाएँ और सब मिलकर वह राम आरती गाएँ जो आपके परिवार में गाई जाती है। थाली को दरबार के सामने धीरे-धीरे घड़ी की दिशा में घुमाएँ। फिर सब लौ के ऊपर से हाथ घुमाकर हल्के से आँखों से लगाएँ।

  12. 12

    समापन और प्रसाद

    प्रणाम करें, पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा माँगें और धन्यवाद कहें। सबको प्रसाद बाँटें और कलाई पर कलावा बाँधें। मुख्य दीये को सुरक्षित रूप से अपने आप जल जाने दें, और दिन की भागदौड़ में लौटने से पहले साथ में एक शांत पल बिताएँ।

एक सरल मंत्र

ॐ श्री रामाय नमः

Om Shri Ramaya Namah

ॐ, मैं भगवान श्री राम को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।