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Lakshmi Puja

लक्ष्मी पूजा

देवी लक्ष्मी का घर में स्वागत करने की सरल शाम की पूजा

20सामग्री
11कदम
45 मिनटसमय
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कब

यह आमतौर पर दिवाली की शाम सूर्यास्त के बाद की जाती है, और कई परिवार शुक्रवार की शाम को भी इसका छोटा रूप करते हैं।

समय

लगभग 45 मिनट

लक्ष्मी पूजा परिवार के साथ कृतज्ञता का एक सुंदर पल है, जिसमें हम जो कुछ हमारे पास है उसके लिए देवी को धन्यवाद देते हैं और साफ़, रोशन घर में उनका स्वागत करते हैं। इसके लिए पंडित जी ज़रूरी नहीं; शांत मन और सरल भेंट काफ़ी हैं। हर परिवार और हर क्षेत्र में तरीक़ा थोड़ा अलग होता है, इसलिए जहाँ आपके परिवार या पंडित जी का तरीक़ा इस गाइड से अलग हो, वहाँ उन्हीं का तरीक़ा अपनाएँ।

ज़रूरी सामग्री

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एक दिन पहले

कदम-दर-कदम विधि

  1. 1

    सफ़ाई और तैयारी

    सूर्यास्त से थोड़ा पहले घर की सफ़ाई कर लें, ख़ासकर दरवाज़े और पूजा के कोने की। स्नान करके साफ़, ताज़े कपड़े पहनें। दरवाज़े पर छोटी-सी रंगोली या तोरण घर को स्वागत भरा बना देता है।

  2. 2

    वेदी सजाएँ

    पूजा के कोने में चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएँ। गणेश जी को बाईं ओर और लक्ष्मी जी को दाईं ओर बिठाएँ, मुख परिवार की तरफ़ हो, और हर मूर्ति के नीचे थोड़े चावल रखें। थाली और सारी सामग्री पास में रखें।

  3. 3

    कलश स्थापित करें

    कलश में पानी भरें और उसमें एक सिक्का, एक सुपारी और चुटकी भर चावल डालें। मुँह पर आम के पत्ते लगाएँ, ऊपर नारियल रखें और कलश के चारों ओर कलावा बाँधें। इसे मूर्तियों के पास रखें।

  4. 4

    दीया जलाएँ और बैठें

    घी का मुख्य दीया और अगरबत्ती जलाएँ। आसन पर बैठकर कुछ शांत साँसें लें और अपने ऊपर तथा सामग्री पर गंगाजल की कुछ बूँदें छिड़कें। मन ही मन, या बोलकर, कहें कि आप शांत मन से यह पूजा कर रहे हैं।

  5. 5

    पहले गणेश जी की पूजा

    गणेश जी को रोली और चावल का तिलक लगाएँ, एक फूल चढ़ाएँ और तीन बार "ॐ गं गणपतये नमः" बोलें। परंपरा है कि सबसे पहले गणेश जी को याद किया जाता है, ताकि पूजा शांति से पूरी हो।

  6. 6

    लक्ष्मी जी का स्वागत

    हाथ जोड़कर अपने शब्दों में देवी लक्ष्मी को घर आने का निमंत्रण दें। थोड़ा जल अर्पित करें, फिर रोली, हल्दी और चावल का तिलक लगाएँ। मूर्ति धातु की हो तो पहले उसे पानी और साफ़ कपड़े से हल्के से पोंछ सकते हैं।

  7. 7

    फूल और सिक्के अर्पित करें

    माला और फूल उनके चरणों में रखें, कमल या गेंदा हो तो अच्छा है। सिक्के और नोट मूर्ति के पास रखें और पान के पत्ते सुपारी के साथ चढ़ाएँ। परिवार का हर सदस्य एक-एक फूल भी चढ़ा सकता है।

  8. 8

    भोग लगाएँ

    फल और मिठाई थाली में सजाकर देवताओं के सामने रखें। थाली के चारों ओर पानी की कुछ बूँदें छिड़कें और हाथ जोड़कर एक मिनट के लिए अर्पित करें। पूजा पूरी होने तक इसे ढककर रखें।

  9. 9

    मंत्र जाप

    शांति से बैठकर "ॐ महालक्ष्म्यै नमः" 11 या 108 बार बोलें। गिनती माला से या चावल के दानों से कर सकते हैं। पूरा परिवार साथ बोल सकता है, और बच्चे बस आपके पीछे दोहरा सकते हैं।

  10. 10

    आरती करें

    थाली में कपूर जलाएँ और सब मिलकर लक्ष्मी जी की आरती, "ॐ जय लक्ष्मी माता", गाएँ। थाली को मूर्तियों के सामने धीरे-धीरे घड़ी की दिशा में घुमाएँ। फिर सब लौ के ऊपर से हाथ घुमाकर हल्के से आँखों से लगाएँ।

  11. 11

    समापन और प्रसाद

    प्रणाम करें, पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा माँगें और धन्यवाद कहें। सबको प्रसाद बाँटें और कलाई पर कलावा बाँधें। फिर दरवाज़े, खिड़कियों और आँगन में दीये जलाएँ, और मुख्य दीये को सुरक्षित रूप से अपने आप जल जाने दें।

एक सरल मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै नमः

Om Mahalakshmyai Namah

ॐ, मैं महादेवी लक्ष्मी को प्रणाम करता हूँ।

काम की बातें

इन बातों का ध्यान रखें

परिवार और क्षेत्र के अनुसार तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। जहाँ अलग हो, वहाँ अपने परिवार या पंडित जी का तरीका मानिए।